Humayun Kabir FIR कोलकाता: पश्चिम बंगाल में कथित तौर पर भड़काऊ टिप्पणी करने के मामले में मुर्शिदाबाद के नाओदा से विधायक हुमायूं कबीर की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं. उनके खिलाफ पुलिस ने संबंधित धाराओं में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू कर दी है. इस पूरे मामले पर राज्य की विधानसभा में भी माहौल गरमाया रहा, जहां विपक्षी नेताओं ने कानून-व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द के मुद्दे पर कड़ा रुख अख्तियार किया. सीएम शुभेंदु अधिकारी ने इस बयानबाजी पर कड़ा ऐतराज जताते हुए विधानसभा में कहा कि अब ऐसी भाषा किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अब बहुत हो चुका है और भविष्य में इस तरह की बयानबाजी करने से पहले किसी को भी 25 बार सोचना पड़ेगा.
Humayun Kabir FIR : सांप्रदायिक तनाव बढ़ाने का आरोप
सीएम शुभेंदु अधिकारी ने नाओदा विधायक पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि हुमायूं कबीर द्वारा दिए गए बयान सीधे तौर पर सामाजिक और सांप्रदायिक ताने-बाने को नुकसान पहुंचाने वाले और तनाव बढ़ाने वाले हैं. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि राज्य की शांति और कानून-व्यवस्था के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए. किसी भी रसूखदार या जनप्रतिनिधि को समाज में उकसावे वाली भाषा का इस्तेमाल करने की खुली छूट नहीं दी जा सकती. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि इस तरह की मर्यादाहीन टिप्पणियां दोबारा दोहराई गईं, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ और भी सख्त कानूनी कदम उठाए जाने चाहिए.
सियासी गलियारों में बहस तेज
पुलिस प्रशासन इस मामले को लेकर पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है और अधिकारियों का कहना है कि दर्ज की गई एफआईआर के आधार पर मामले की गहराई से जांच की जा रही है. साक्ष्यों और बयानों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी. इस पूरे घटनाक्रम के सामने आने के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर नेताओं की जुबान और बयानों की मर्यादा को लेकर बहस छिड़ गई है. पक्ष और विपक्ष के बीच कानून-व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की जिम्मेदारी को लेकर तीखी बयानबाजी का दौर शुरू हो गया है.





