प्रदर्शन के दौरान लाठीचार्ज का आरोप, अभिजीत दीपके बोले- घटना के लिए पुलिस और सरकार जिम्मेदार

नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के अध्यक्ष अभिजीत दीपके ने संसद मार्च के दौरान हुए लाठीचार्ज को लेकर दिल्ली पुलिस और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने पुलिस पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ क्रूरता बरतने का आरोप लगाते हुए कहा कि इस कार्रवाई में 12 साल की मासूम बच्चियों तक को नहीं बख्शा गया और पुरुष पुलिसकर्मियों ने उनके सिर फोड़ दिए।

गर्दन पर लाठी से किशोरी गंभीर, अस्पताल में भर्ती

दीपके ने दावा किया कि लाठीचार्ज के दौरान पुलिसकर्मी द्वारा गर्दन पर वार किए जाने से एक किशोरी आरएमएल (RML) अस्पताल में गंभीर स्थिति में भर्ती है। उन्होंने कहा कि पुलिस के इस रवैये से ही मौके पर भगदड़ मची। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पीड़िता को कुछ भी होता है तो उसकी पूरी जवाबदेही दिल्ली पुलिस और नरेंद्र मोदी सरकार की होगी।

'वॉटर कैनन का प्रयोग करने के बजाय बरसाईं लाठियां'

सीजेपी प्रमुख ने कहा कि पिछले एक महीने से उनका आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा था, लेकिन सोमवार को पुलिस ने पहली बार हिंसक कार्रवाई की। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर पुलिस को भीड़ को रोकना ही था, तो लाठीचार्ज की जगह वॉटर कैनन (पानी की बौछार) का उपयोग किया जा सकता था।

सादे कपड़ों में हमलावरों और पत्थरों पर उठाए सवाल

सोमवार की घटना को पूर्व-नियोजित बताते हुए दीपके ने दिल्ली पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने पूछा कि कड़े सुरक्षा घेरे और बैरिकेडिंग के बावजूद जंतर-मंतर के पास पत्थरों से भरे ट्रक कहाँ से आए? साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि सादे कपड़ों में मौजूद कुछ लोगों को पुलिस की वर्दी पहनाकर लाठियों से प्रदर्शनकारियों पर हमला कराया गया।

Latest news

Related news