Friday, July 3, 2026
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संजय राउत का बड़ा बयान, ‘बस सत्ता आने दीजिए…’, BJP को दी चुनौती

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मुंबई: महाराष्ट्र की सियासत में विधायकों और सांसदों के लगातार हो रहे दलबदल और 'ऑपरेशन' की कड़वाहट के बीच महाविकास अघाड़ी (MVA) ने सत्तारूढ़ गठबंधन पर चौतरफा हमला बोल दिया है। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के फायरब्रांड नेता और सांसद संजय राउत ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष को विपक्षी पार्टियों को नेस्तनाबूद करने का 'नशा' चढ़ चुका है। वहीं, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष शशिकांत शिंदे ने भी इस सियासी उठापटक को लोकतंत्र के लिए एक बड़ा खतरा करार दिया है। शिवसेना (यूबीटी) के कई नेताओं के पाला बदलने के बाद अब शरद पवार गुट में 'ऑपरेशन तुतारी' की बढ़ती अटकलों ने राज्य के राजनीतिक तापमान को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है।

विपक्ष खत्म हुआ तो अपनी ही पार्टी के 10 टुकड़े कर देगी भाजपा: संजय राउत

मुंबई में आयोजित एक गरमागरम प्रेस कॉन्फ्रेंस में सांसद संजय राउत ने भाजपा की कार्यशैली पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी तंत्र और धनबल के दम पर दूसरी पार्टियों को बिखेरने का खेल खेला जा रहा है। राउत ने तंज कसते हुए कहा, "इन लोगों को विपक्षी दलों के नेताओं को तोड़े बिना चैन नहीं आता, जिस दिन ये किसी को नहीं तोड़ते, उस दिन इन्हें नींद नहीं आती। पार्टियां तोड़ने का यह नशा इस कदर हावी हो चुका है कि जब देश में कोई और दल नहीं बचेगा, तो ये अपनी ही पार्टी को तोड़ डालेंगे।" उन्होंने दावा किया कि भाजपा की पूरी ताकत सिर्फ और सिर्फ सत्ता के गलियारों तक सीमित है।

जांच एजेंसियां हमारे पास आएं, तो 10 मिनट में बिखर जाएगा सत्तारूढ़ दल

संजय राउत ने आगे चुनौती देते हुए कहा कि सत्ता बदलते ही इस पूरे खेल का पासा पलट जाएगा। उन्होंने कहा, "मैं अपनी बात पर आज भी कायम हूं कि जिस दिन भाजपा सत्ता की कुर्सी से बेदखल होगी और केंद्रीय जांच एजेंसियां हमारे नियंत्रण में आएंगी, भाजपा महज 10 मिनट के भीतर 10 टुकड़ों में बिखर जाएगी।" लोकतंत्र के गिरते स्तर पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को यह बताना पड़ेगा कि कभी इस देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था हुआ करती थी। राउत ने तीखे लहजे में कहा, "सिर्फ एक घंटे के लिए ईडी और सीबीआई जैसी एजेंसियां हमें सौंप दी जाएं, तो सत्ता पक्ष से कोई नहीं बचेगा—न भाजपा, न एकनाथ शिंदे की शिवसेना और न ही सुनेत्रा पवार की एनसीपी।"

हर रोज के 'ऑपरेशन' से अच्छा है पूरे विपक्ष को एक साथ मिला लें: शशिकांत शिंदे

दूसरी तरफ, राकांपा (शरदचंद्र पवार) के नवनियुक्त महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष शशिकांत शिंदे ने भी इस सियासी दंगल में कूदते हुए सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर सत्ता पक्ष का एकमात्र मकसद विपक्ष के चेहरों को अपनी तरफ खींचना ही है, तो वे किश्तों में 'ऑपरेशन' चलाने के बजाय एक ही बार में विपक्ष के सारे सांसदों और विधायकों को अपनी पार्टी में शामिल क्यों नहीं कर लेते? शिंदे ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि महाराष्ट्र की जागरूक जनता इन सारे घटनाक्रमों को बहुत बारीकी से देख रही है और उसे यह 'तोड़-फोड़' की राजनीति कतई रास नहीं आ रही, जिसका खामियाजा सत्ता पक्ष को आगामी चुनावों में भुगतना पड़ेगा।

हुकूमशाही के प्रयासों के बीच मजबूत विपक्ष की दुहाई

शरद पवार गुट के वरिष्ठ नेता शशिकांत शिंदे ने लोकतांत्रिक मूल्यों की वकालत करते हुए कहा कि किसी भी देश का लोकतंत्र तभी जिंदा रह सकता है, जब सरकार की आंखों में आंखें डालने के लिए सामने एक बेहद मजबूत विपक्ष खड़ा हो। उन्होंने आगाह किया कि यदि पूरे विपक्ष की आवाज को दबाकर देश में 'हुकूमशाही' (तानाशाही) थोपने की कोशिश की गई, तो भविष्य की परिस्थितियां आज की तुलना में कहीं अधिक भयावह और गंभीर हो सकती हैं। हालांकि, विपक्ष की ओर से आए इन बेहद आक्रामक और गंभीर आरोपों पर सत्तारूढ़ भाजपा या महायुति गठबंधन की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक पलटवार या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।