Monday, July 15, 2024

कॉलगर्ल सप्लायर के पास मिला मधेपुरा एसपी का मोबाइल फोन,पुलिस महकमे में हड़कंप

सहरसा में एक अजीब और सनसनीखेज मामला सामने आया है. एक कॉलगर्ल सप्लायर के पास से सहरसा के एस पी राजेश कुमार का मोबाइल फोन मिला है. ये खबर सामने आते ही बिहार के पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है. कॉलगर्ल सप्लायर के पास से मधेपुरा एसपी का मोबाइल बरामद होने के मामले में आनन फानन में जांच कमेटी का गठन किया गया है.
दरअसल मधेपुरा में एक महिला से पुलिसिया पूछताछ का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है. वायरल वीडियो में महिला बता रही है कि वह कई पुलिस अधिकारियों को लड़कियों की सप्लाई करती रही है. वीडियो में महिला मधेपुरा डीएसपी पर कई गंभीर आरोप लगाती दिख रही है. वायरल वीडियो में महिला बता रही है कि उसने मधेपुरा के डीएसपी साहब को एक लड़की सप्लाई किया था. महिला बता रही है कि मधेपुरा सदर अस्पताल के सामने डीएसपी मुख्यालय के आवास पर वह एक लड़की को भेजती थी. डीएसपी साहब के पास कई बार लड़की भेजी गयी. पहली बार तो उन्होंने पैसे दिये थे लेकिन बाद में पैसा नहीं दिया. कई बार पैसे नहीं देने पर लड़की मोबाइल उठा कर ले आयी. महिला कह रही है कि डीएसपी की कोठी पर जो लड़की गयी थी उसी ने वहां से मोबाइल लाकर उसे दिया था.
वायरल वीडियो में महिला बता रही है कि वह कई पुलिस अधिकारियों को लड़की सप्लाई करती रही है. उसने ये भी बताया कि मधेपुरा के डीएसपी साहब का क्या रेट था. महिला बता रही है कि डीएसपी साहब जब लड़की को एक घंटे के लिए अपनी कोठी में रखते थे तो उसका रेट 300 रुपया था. अगर लड़की को दो-तीन घंटे के लिए रोका गया तो उसका रेट 500 रुपया था. पहली बार डीएसपी साहब ने 300 रुपया दिया था तो लड़की ने उसे 100 रूपये कमीशन दिया था. लेकिन पहली बार के बाद डीएसपी ने फिर कभी पैसा ही नहीं दिया. तभी लड़की उनके घर से मोबाइल उठा ले आयी.
दरअसल लड़की जो मोबाइल लेकर भाग गयी थी वह मधेपुरा के एसपी का मोबाइल था. पुलिस सूत्रों ने बताया कि मधेपुरा एसपी राजेश कुमार हाल में ही छुट्टी पर गए थे. पुलिस मुख्यालय के आदेश के मुताबिक उन्होंने मुख्यालय डीएसपी अमरकांत चौबे को एसपी का चार्ज सौंप दिया था. मधेपुरा एसपी ने सरकारी मोबाइल भी डीएसपी को सौंप दिया था. इसी बीच डीएसपी ने कॉलगर्ल को अपने आवास पर बुलाया था. उसे पैसे नहीं मिले तो वह तकिये के नीचे रखा एसपी का मोबाइल लेकर चली गयी.
ये सारा खेल सहरसा के डीआईजी शिवदीप लांडे की सक्रियता से उजागर हुआ. शिवदीप लांडे ने उसी दौरान मधेपुरा एसपी के मोबाइल नंबर पर कॉल किया था लेकिन मोबाइल नंबर बंद मिला. एसपी का सरकारी मोबाइल बंद देख डीआईजी को शक हुआ. उन्होंने एसपी के मोबाइल का लोकेशन चेक कराया. पता चला कि मोबाइल सहरसा में है. मधेपुरा के एसपी के मोबाइल का लोकेशन सहरसा में देख डीआईजी शिवदीप लांडे हैरान रह गये. डीआईजी के निर्देश पर उस मोबाइल को सर्विलांस पर लिया गया और फिर मोबाइल के साथ महिला को पकड लिया गया. महिला को पूछताछ के लिए डीआईजी के कार्यालय में लाया गया. पूछताछ के दौरान महिला ने जो बताया वह हैरान करने वाला था. वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है लेकिन कोई पुलिस अधिकारी इस मसले पर कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है.
डीआईजी शिवदीप लांडे ने पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं. मामले की जांच के लिए गठित तीन सदस्ययी टीम में सुपौल एसपी डी. अमरकेश, सहरसा डीएसपी एजाज हफीज मणि और मधेपुरा के पुलिस निरीक्षक प्रशांत कुमार शामिल हैं. डीआईजी शिवदीप लांडे ने 36 घंटों के भीतर जांच कमेटी को अपनी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है. डीआईजी कार्यालय से जारी आदेश में कहा गया है कि मधेपुरा के मुख्यालय डीएसपी पर लगे गंभीर आरोपों से पुलिस की छवि धूमिल हुई है.

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