Thursday, April 18, 2024

‘सनातन विरोधी नारे नहीं लगाऊंगा’, Gaurav Vallabh का कांग्रेस से इस्तीफा, कांग्रेस छोड़ते वक्त गौरव वल्लभ ने क्या-क्या कहा?

कांग्रेस के राष्ट्रिय प्रवक्ता Gaurav Vallabh ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है. गौरव वल्लभ ने पार्टी के राष्ट्रिय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को भेजे गए त्यागपत्र में कहा- कांग्रेस पार्टी आज जिस तेह से दिशाहीन होकर आगे बढ़ रही है, उसमे मैं खुद को सहज महसूस नहीं कर पा रहा. मैं ना तो सनातन विरोधी नारे लगा सजता हूं और ना ही सुबह-शाम देश के वेल्थ क्रिएटर्स को गोली दे सकता. इसलिए मैं कांग्रेस पार्टी के सभी पदों व प्राथमिक सदस्य्ता से इस्तीफा दे रहा हूं.

सच को छुपाना अपराध है, अपराध का भागी नहीं बनना- Gaurav Vallabh

गौरव वल्लभ ने अपने त्यागपत्र में लिखा- भावुक हूं और मन व्यतिथ है. काफी कुछ बोलना चाहता हूं, लिखना चाहता हूं और बताना चाहता हूं. लेकिन मेरे संस्कार ऐसा कुछ भी कहने से रोक रहे हैं. फिर भी मैं अपनी बातों को अपने समय रखूँगा. क्यूंकि उन्हें लगता है कि सच को छुपाना अपराध है. ऐसे में मैं अपराध का भागी नहीं बनना चाहता हूं.

पार्टी का ग्राउंड लेवल कनेक्ट पूरी तरह से टूट चुका है

गौरव वल्लभ ने कहा-‘जब मैंने कांग्रेस पार्टी ज्वाइन किया, तब मेरा मानना था कि कांग्रेस देश की सबसे पुरानी पार्टी है, जहां पर युवा, बौद्धिक लोगों की, उनके आइडिया की कद्र होती है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में महसूस हुआ कि पार्टी का मौजूदा स्वरूप नए आइडिया वाले युवाओं के साथ खुद को एडजस्ट नहीं कर पाती.

पार्टी का ग्राउंड लेवल कनेक्ट पूरी तरह से टूट चुका है, जो नए भारत की आकांक्षा को बिल्कुल भी नहीं समझ पा रही है, जिसके कारण न तो पार्टी में आ पा रही है और ना ही मजबूत विपक्ष की भूमिका ही निभा पा रही हैं. इससे मेरे जैसे कार्यकर्ता हतोत्साहित होता है. बड़े नेताओं और जमीन कार्यकर्ताओं के बीच की दूरी पाटना बेहद कठिन है, जो राजनैतिक रूप से जरूरी है. जब तक एक कार्यकर्ता अपने नेता को डायरेक्ट सुझाव नहीं दे सकता, तब तक किसी भी प्रकार का सकारात्मक परिवर्तन संभव नहीं है.’

सनातन के विरोध वाले लोगों के खिलाफ चुप रहना मुश्किल है

गौरव वल्लभ ने आगे कहा- अयोध्या में राम मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा को लेकर कांग्रेस पार्टी के स्टैंड से मैं व्याकुल हुआ मैं जन्म से हिन्दू और कर्म से शिक्षक हूं. पार्टी के इस स्टैंड ने मुझे हमेशा असहज किया, परेशान किया. पार्टी और गठबंधन से जुड़े कई लोग सनातन के विरोध में बोलते हैं और पार्टी का उस पर चुप रहना, उसे मौन स्वीकृति देने जैसा है.

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कांग्रेस के दिग्गज नेता गौरव वल्लभ ने कहा कि आर्थिक मामलो पर वर्तमान समय में कांग्रेस का स्टैंड हमेसा देश के वेल्थ क्रिएटर्स का नीचा दिखने का, गाली देने का, आज हम उन आर्थिक उदारीकरण, निजीकरण और वैश्वीकरण नीतियों के खलाफ हो गए हैं. जिसको देश में लागू करने का पूरा श्रेय दुनिया ने हमे दिया है.

उन्होंने राष्ट्रिय अध्यक्ष को लिखा- जब मेने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की थी, उस समय मेरा ध्येय केवल यही था कि आर्थिक मामलों में अपनी योग्यता और क्षमता को देशहित के लिए इस्तेमाल करूंगा. हम सत्ता में भले ही नहीं है, लेकिन अपने मैनिफेस्टो से लेकर अन्य जगहों पर देशहित में पार्टी की आर्थिक नीति को बेहतर तरीके से प्रस्तुत कर सकते थे. लेकिन पार्टी प्रयास नहीं कर रही है, जो मेरे जैसे आर्थिक मामलो के जानकर वव्यक्ति के लिए किसी घुटन से काम नहीं.

 

 

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