Raksha Bandhan : भाई बहन के प्यार का त्योहार रक्षा बंधन सोमवार को मनाया जायेगा. श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि को मनाये जाने वाले इस त्योहार के दिन बहनें अपने भाइयों की लंबी उम्र, उनकी उन्नति और स्वस्थ जीवन की कामना ईश्वर से करती हैं. साल में एक बार होने वाले इस पवित्र त्योहार का हर बहन-भाई को इंतजार रहता है. आइये आपको बताते है कि इस बार रक्षा बंधन का त्योहार मनाने के लिए , अपने भाइयों की कलाई में पवित्र रक्षा सूत्र बांधने का शुभ और सही समय कब है और आप कैसे इस त्योहार को मना सकते हैं ?

Raksha Bandhan पर भद्रा का साया
इस साल रक्षाबंधन के दिन भद्रा का साया रहेगा. रक्षाबंधन पर भद्रा के प्रारंभ का समय सुबह में 5 बजकर 53 मिनट पर है, उसके बाद वह दोपहर 1 बजकर 32 मिनट तक रहेगा. इस भद्रा का वास पाताल लोक में है. हालांकि कई विद्वानों का मत है कि यदि भद्रा का वास स्थान पाताल या फिर स्वर्ग लोक में है तो वह पृथ्वी पर रहने वाले लोगों के लिए अशुभ नहीं होती है. उसे शुभ ही माना जाता है, लेकिन कई शुभ कार्यों में पाताल की भद्रा को नजरअंदाज नहीं करते हैं
रक्षाबंधन के शाम पंचक भी
रक्षाबंधन वाले दिन शाम के समय में पंचक भी लग रहा है. पंचक शाम 7 बजे से शुरू होगा और अगले दिन सुबह 5 बजकर 53 मिनट तक रहेगा. पंचक सोमवार को लग रहा है, जो राज पंचक होगा, इसके अशुभ नहीं माना जाता है. यह शुभ होता है
रक्षाबंधन 2024 शुभ मुहूर्त
19 अगस्त को रक्षाबंधन का मुहूर्त दोपहर में 1 बजकर 30 मिनट से लेकर रात 9 बजकर 8 मिनट तक है. उस दिन भाइयों को राखी बांधने के लिए 7 घंटे 38 मिनट तक का समय मिलेगाj
रक्षा बंधन की पूजा पूजा विधि और मंत्र
राखी और सावन का अंतिम सोमवार व्रत एक दिन है. इस दिन सुबह ही स्नान कर लें. फिर साफ वस्त्रों को धारण करें. इसके बाद घर या मंदिर जहां भी पूजा करनी हैं, वहां पर शिवलिंग का अभिषेक करें. इसके बाद महादेव को बेलपत्र और फूल चढ़ाएं. अब शिव जी की आरती करें. फिर अपने सभी देवी-देवताओं का नाम लेते हुए उनसे भाई की तरक्की और सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें.
भाई को रक्षा सूत्र यानी राखी बांधते हुए ये मंत्र पढ़े
येन बद्धो बलि राजा, दानवेन्द्रो महाबल:
तेन त्वाम् प्रतिबद्धनामि ,रक्षे माचल माचल:





