NEET-UG Paper Leak मामले के मुख्य आरोपी और मास्टर माइंड मान जा रहे संजीव मुखिया sanjeev mukhya की गिरफ्तार का मामला अटक गया है. पटना के सेशन कोर्ट ने संजीव मुखिया को नोकोर्सिव आदेश मिला हुआ है. नोकोर्सिव आदेश आदेश के मिले होन के कारण पुलिस संजीव मुखिया तक पहुंच भी जाये तो उस बल पूर्वक गिरफ्तार नही कर सकती है. इस आदेश के कारण पिलहाल संजीव मुखिया की गिरफ्तारी पर रोक लग गई है.
Sanjeev Mukhya पर NEET-UG पेपर लीक मामले मे दर्ज है FIR
संजीव मुखिया के खिलाफ NEET-UG पेपर लीक होने के मामले में 5 मई को मुख्य साजिशकर्ता के तौर पर केस दर्ज किया था. जानकरी के मुताबिक 5 मई को ही संजीव मुखिया ने पटना सेशन कोर्ट से नोकोर्सिव आदेश प्राप्त कर लिया था. अदालत से इस आदेश के बाद अब पुलिस चाह कर भी उसे गिरफ्तार नही कर सकती है. नोकोर्सिव आदेश में साफ साफ लिखा गया है कि NEET -UG मामले में दर्ज FIR NUMBER 358/2024 में उसकी गिरफ्तारी नहीं हो सकती है. आपको बता दें कि अब तक की आर्थिक अपराध यूनिट (EOU) की जांच मे बार बार संजीव मुखिया का नाम आ रहा है. पुलिस के पास ऐसे सबूत हैं जो संजीव मुखिया को NEET-UG पेपर लीक मामले मास्टर माइंड बता रहा है.
संजीव मुखिया का बेटा भी पेपर लीक मामले में काट रहा है जेल
नालंदा के रहने वाला संजीव मुखिया को इससे पहले बीएसपी शिक्षक बहाली में पेपर लीक मामले में जेल जा चुका है, वहीं उसका बेटा अभी इसी मामले में जेल की हवा खा रहा है. संजीव मुखिया का बेटा शिव कुमार पटना मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस है.
कौन हैं संजीव मुखिया, क्या है आपराधिक इतिहास ?
NEET Paper Leak मामले में फरार चल रहे संजीव मुखिया का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है. संजीव मुखिया को लोकल लोग लूटन मुखिया भी बुलाते हैं, संभवताह इस नाम के पीछे भी उसके आपराधिक कारनामे ही है. संजीव मुखिया नालंदा के नूरसराय में हार्टिकल्चर कॉलेज में टेक्निकल एसिस्टेंट के पद पर काम करता था. नौकरी छोड़ कर राजनीति की दुनिया में पहुंचा और अपने पंचायत का मुखिया बन गया. सबसे पहले 2016 में बिहार सिपाही भर्ती परीक्षा के पेपर लीक के मामले मे उसका नाम आया था. उसके बाद बीएससी शिक्षक भर्ती परीक्षा पेपर लीक में पकड़ा गया और जेल की सजा काटी.संजीव मुखिया के जेल जाने के बाद उसकी पत्नी ने हरनौत विधानसभा क्षेत्र से एलजेपी के टिकट पर चुनाव भी लड़ा, हलांकि वो हार गई. स्थानीय लोगों के मुताबिक धीरे धीरे परीक्षाओ के पेपर लीक कराना उसका फैमिली बिजनेस बन गया. इस समय उसका बेटा शिवकुमार, जो पेशे से एमबीबीएस डॉक्टर है, वो भी बीएससी पेपर लीक मामले में जेल की सजा काट रहा है.





