Sunday, July 5, 2026
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JANTA DARBAR:बिहार में होने वाली जनता दरबार का हाल-अधिकारी सीएम की बात को भी गंभीरता से नहीं लेते  

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Bihar janta darbar

पटना : (अभिषेक झा, ब्यूरोचीफ)

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (NITISH Kumar) आज तीन सप्ताह के बाद एक बार फिर से  जनता दरबार में पहुंचे. सीएम ने कई विभागों से जुड़ी शिकायतें सुनी और इनमें कई शिकायतों के निबटारे के लिए निर्देश भी दिये. इस बीच जनता दरबार में सिवान से एक फरियादी अपनी शिकायत लेकर पहुंचा. यह मामला खुद सीएम (NITISH Kumar) के विभाग से जुड़ा हुआ था. सबसे बड़ी बात ये हुई कि सीएम नीतीश (NITISH Kumar) जनता दरबार में आए फरियादी की बात सुनकर इस कदर आश्चर्चकित हो गए कि उन्होंने मौके पर डीजीपी और गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव को बुला लिया और तत्काल इस मामले की जांच के निर्देश जारी कर दिये.

हत्या के मामले में ढाई साल बाद भी कार्रवाई नहीं

दरअसल सीएम नीतीश के जनता दरबार में पहुंचे फरियादी ने कहा कि मेरे लड़के की हत्या को अबतक तकरीबन ढाई साल हो गया है, लेकिन, अभी तक इसमें कोई गिरफ़्तारी नहीं हुई है.मामले को सुनकर सीएम अचंभित नजर आये.सीएम ने एक बाऱ फिर से फरियादी  से पूछा कि ढ़ाई साल पुराना मामला है फिर भी अभी तक कोई गिरफ़्तारी नहीं हुई है.इसके बाद  जिसके बाद फरियादी ने कहा कि जी 2.5 साल पहले का मामला है और मैं पहले भी आ चुका हूं.

सीएम नीतीश ने अधिकारियों की लगाई क्लास

इसके बाद नीतीश कुमार और भी आश्चर्चकित हो गए और उन्होंने कहा कि- आप पहले भी आए हैं, हम निर्देश भी दिए फिर भी कुछ नहीं हुआ है, ऐसा कैसे हुआ है भाई….इसके बाद सीएम ने अपर मुख्य सचिव को फ़ोन लगाने के लिए कहा और अधिकारियों से बात करते हुए कहा कि अभी तक इस मामले में एक्शन क्यों नहीं हुआ ? मामला क्या है? उसके बाद उन्होंने डीजीपी और अपर मुख्य सचिव को तत्काल तलब किया और कई कड़े सवाल पूछे.

जनता दरबार का हाल – सीएम के निर्देशों का भी पालन नहीं करते हैं अधिकारी.. मजबूरी में बार बार आते हैं अधिकारी

बिहार में होने वाली जनता दरबार में ये पहला मौका नहीं है जब फरियादी सीएम के पास पहुंचते हैं और बताते हैं कि कई कई बार चक्कर लगाने के बावजूद उनकी समस्या जस की तस बनी हुई है. जनता दरबार में मीडिया के सामने समस्या के समाधान के लिए बातें हो जाती हैं , सीएम अधिकारियों को निर्देश दे देते हैं लेकिन धरातल पर स्थित वही ढ़ाक के तीन पात. एक बार फिर से नीतीश कुमार के जनता दरबार ने ये बात साबित कर दिया है कि बिहार सीएम की प्रशासनिक अधिकारियों पर पकड़ ढीली है. सीएम के निर्देशों /आदेशों को उनके अधिकारी भी संजीदगी से नहीं लेते हैं.