Film Satluj Controversy नई दिल्ली/चंडीगढ़: मशहूर अभिनेता और सिंगर दिलजीत दोसांझ की मुख्य भूमिका वाली फिल्म ‘सतलुज’ (Satluj) को लेकर विवाद गहरा गया है. सूचना और प्रसारण मंत्रालय (MIB) ने इस फिल्म के कंटेंट की बारीकी से जांच करने के लिए एक हाई-लेवल इंटर-डिपार्टमेंटल कमेटी (IDC) का गठन किया है. यह कदम केंद्र सरकार द्वारा ओटीटी (OTT) प्लेटफॉर्म Zee5 को फिल्म तुरंत हटाने के निर्देश देने के ठीक एक दिन बाद उठाया गया है.
Information and Broadcasting Sources- “The Ministry of Information and Broadcasting (MIB) has set up a high-level Inter-Departmental Committee (IDC) to examine the content of the Diljit Dosanjh-starrer Satluj, a film inspired by the disappearance of a Punjab-based human rights… pic.twitter.com/4tbdi68xad
— ANI (@ANI) July 7, 2026
Film Satluj Controversy:48 घंटे के भीतर OTT से क्यों हटाई गई फिल्म?
लंबे समय से विवादों में रही यह फिल्म बिना किसी शोर-शराबे या प्रमोशन के शुक्रवार को Zee5 पर रिलीज की गई थी. लेकिन रिलीज के महज 48 घंटे के भीतर, यानी रविवार शाम को इसे प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया.
सरकारी सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार ने आईटी रूल्स 2021 (IT Rules 2021) की धारा 69A के तहत ‘सुरक्षा चिंताओं’ (Security Concerns) और सार्वजनिक व्यवस्था (Public Order) का हवाला देते हुए Zee5 को इसे ब्लॉक करने का निर्देश दिया था. सरकार का कहना है कि मेकर्स ने सेंसर बोर्ड (CBFC) की प्रक्रिया को बाईपास करने के लिए सीधे ओटीटी का रास्ता चुना, जबकि फिल्म का विषय बेहद संवेदनशील है.
क्या है फिल्म ‘सतलुज’ की कहानी और विवाद की मुख्य वजह?
हनी त्रेहान द्वारा निर्देशित यह फिल्म पंजाब के मशहूर मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा (Jaswant Singh Khalra) के जीवन और 1990 के दशक में उनके रहस्यमयी तरीके से गायब होने (और बाद में हत्या) पर आधारित है.
- अज्ञात शवों का मुद्दा: फिल्म में दिखाया गया है कि कैसे जसवंत सिंह खालरा ने 1980 और 1990 के दशक में पंजाब में उग्रवाद के दौर के दौरान पुलिस द्वारा हजारों अज्ञात शवों को कथित तौर पर अवैध रूप से क्रेडिट (दाह-संस्कार) करने के मामलों का पर्दाफाश किया था.
- संवेदनशील विषय: फिल्म में दिलजीत दोसांझ का किरदार 25,000 अज्ञात शवों के दावों की जांच करता दिखता है. सरकार और सुरक्षा एजेंसियों को अंदेशा है कि इस संवेदनशील विषय से राज्य की कानून-व्यवस्था, सांप्रदायिक सौहार्द और देश की संप्रभुता पर असर पड़ सकता है.
सेंसर बोर्ड से 3 साल तक चली लंबी लड़ाई
यह फिल्म पिछले 3 सालों से विवादों में धूल फांक रही थी.
- मूल नाम ‘पंजाब 95′: इसे साल 2022 में केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) के पास ‘पंजाब 95’ (और उससे पहले ‘घल्लूघारा’) नाम से सर्टिफिकेट के लिए भेजा गया था।
- 127 कट्स का आदेश: प्रसून जोशी के नेतृत्व वाले सेंसर बोर्ड ने फिल्म में 127 कट्स लगाने और फिल्म से जसवंत सिंह खालरा का नाम व पंजाब के संदर्भों को हटाने की शर्त रखी थी।
- मेकर्स का इनकार: फिल्म के डायरेक्टर हनी त्रेहान और मेकर्स ने इन कट्स को मानने से इनकार कर दिया, क्योंकि उनका कहना था कि ऐसा करने से इतिहास के एक सच और शहीद के अस्तित्व को ही मिटा दिया जाएगा। थियेटर रिलीज न हो पाने के कारण मेकर्स ने इसका नाम बदलकर ‘सतलुज’ किया और इसे सीधे अनकट (बिना किसी कट के) ओटीटी पर रिलीज कर दिया।
इंटर-डिपार्टमेंटल कमेटी (IDC) क्या करेगी?
आईटी नियम, 2021 के नियम 14 के तहत गठित यह कमेटी अब फिल्म ‘सतलुज’ के पूरे कंटेंट को रिव्यू करेगी। यह कमेटी डिजिटल कंटेंट से जुड़ी शिकायतों को देखती है और अपनी सिफारिशें केंद्र सरकार को सौंपती है, जिसके बाद ही तय होगा कि यह फिल्म भारत में दोबारा स्ट्रीम हो पाएगी या नहीं।
दिलजीत दोसांझ और राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया
फिल्म पर बैन जैसी स्थिति बनने के बाद पंजाब की राजनीति भी गरमा गई है.
- दिलजीत दोसांझ का बयान: दिलजीत ने सोशल मीडिया पर लिखा कि उन्हें पहले से अंदेशा था कि ऐसा कुछ होगा. उन्होंने कहा, “जो जसवंत सिंह खालरा साहब के साथ हुआ था, वही फिल्म ‘सतलुज’ के साथ भी हुआ.” हालांकि, उन्होंने संतोष जताया कि दो दिनों में ही सही, लेकिन फिल्म लोगों तक पहुंच गई.
- राजनीतिक विरोध: शिरोमणि अकाली दल (SAD) के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने इसे अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला बताया है. वहीं, आम आदमी पार्टी (AAP) और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने भी इस कार्रवाई की कड़ी निंदा की है और कहा है कि इतिहास के सच को दबाया नहीं जाना चाहिए.
Zee5 का रुख
ओटीटी प्लेटफॉर्म ने भारत में फिल्म को अनुपलब्ध करने की पुष्टि करते हुए कहा है कि वे फिल्म और मेकर्स के क्रिएटिव विजन के साथ मजबूती से खड़े हैं और इसे कानूनी व उचित कानूनी प्रक्रियाओं के माध्यम से वापस लाने के रास्ते तलाश रहे हैं. फिलहाल यह फिल्म भारत के बाहर ‘Zee5 ग्लोबल’ पर उपलब्ध है.




