Ram Mandir Trust Meeting अयोध्या : उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बहुप्रतीक्षित बैठक सोमवार (6 जुलाई) को दोपहर 3 बजे ट्रस्ट से गेस्ट हाउस में शुरु हो रही है. ये बैठक राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित अनियमितता और चोरी के आरोपों के बाद हो रही है. बैठक में सभी 14 ट्रस्टियों को बुलाया गया है. इस बैठक में पूर्व महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफों पर अंतिम निर्णय लिया जा सकता है.
#WATCH | Ayodhya, UP: On the meeting of Ram Temple Trust over the alleged temple donations embezzlement case, Swami Govind Dev Giri Ji Maharaj, Treasurer of the Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust, and founder of the Geeta Pariwar, says, “I am not going to say anything… pic.twitter.com/dYKRCUSdUw
— ANI (@ANI) July 6, 2026
बैठक की अध्यक्षता ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास करेंगे, जबकि संचालन ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी करेंगे. चंपत राय के इस्तीफे के बाद पहली बार बैठक का संचालन किसी अन्य पदाधिकारी द्वारा किया जा रहा है.
Ram Mandir Trust Meeting:इन 5 अहम मुद्दों पर होगी चर्चा
ट्रस्ट की बैठक में पांच प्रमुख एजेंडों पर विचार किया जाएगा—
चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफों को स्वीकार या अस्वीकार करने पर निर्णय.
एसआईटी की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट की समीक्षा.
ट्रस्ट की कार्यप्रणाली में भविष्य की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उपाय.
वित्तीय वर्ष 2025-26 के आय-व्यय और वित्तीय विवरण पर चर्चा.
अध्यक्ष की अनुमति से अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर विचार.
दो-तिहाई बहुमत से होगा फैसला
ट्रस्ट के नियमों के मुताबिक किसी ट्रस्टी को हटाने या उसके इस्तीफे से जुड़े अंतिम निर्णय के लिए बोर्ड में दो-तिहाई बहुमत आवश्यक है. इससे पहले संबंधित ट्रस्टी को कारण बताओ नोटिस जारी कर उसका पक्ष सुना जाता है. नए ट्रस्टी की नियुक्ति भी ट्रस्ट बोर्ड ही करेगा और इसके लिए भी दो-तिहाई बहुमत जरूरी होगा. ट्रस्ट के नियमों के अनुसार नया सदस्य हिंदू होना चाहिए.
गोविंद देव गिरी ने बुलाई बैठक
आमतौर पर ट्रस्ट की बैठक बुलाने का अधिकार महासचिव के पास होता है, लेकिन मौजूदा असाधारण परिस्थितियों में कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने बैठक बुलाने की पहल की है. जानकारी के अनुसार कुछ ट्रस्टी स्वास्थ्य कारणों से वर्चुअल माध्यम से भी बैठक में शामिल हो सकते हैं.
ट्रस्ट में खाली हो सकती हैं तीन सीटें
वर्तमान में ट्रस्ट में अधिकतम 15 सदस्य हो सकते हैं, जिनमें तीन पदेन सदस्य और 12 आजीवन ट्रस्टी शामिल हैं. अगस्त 2025 में एक ट्रस्टी के निधन के बाद एक पद पहले से रिक्त है. यदि चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार कर लिए जाते हैं तो ट्रस्ट में कुल तीन पद खाली हो जाएंगे, जिन पर भविष्य में नई नियुक्तियां करनी होंगी.
चढ़ावा विवाद के बाद बढ़ी बैठक की अहमियत
26 जून को राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित चोरी और वित्तीय अनियमितता के आरोप सामने आने के बाद ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे थे. इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित किया. इसी घटनाक्रम के बीच चंपत राय ने महासचिव पद से इस्तीफा दिया था, जबकि ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने भी अपना पद छोड़ने की पेशकश की थी. अब ट्रस्ट बोर्ड एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट की समीक्षा करते हुए आगे की कार्रवाई तय करेगा.
बैठक पर पूरे देश की निगाहें
राम मंदिर निर्माण और उसके संचालन से जुड़े फैसले राष्ट्रीय महत्व के माने जाते हैं. ऐसे में इस बैठक में लिए जाने वाले निर्णय न केवल ट्रस्ट की भविष्य की कार्यप्रणाली तय करेंगे, बल्कि राम मंदिर प्रबंधन में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर भी महत्वपूर्ण संदेश देंगे. राजनीतिक और धार्मिक दोनों ही हलकों की नजर इस बैठक के परिणाम पर टिकी हुई है.




