Monday, June 29, 2026
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कोलंबो में भारत-पाकिस्तान के बीच हुई बैठक पर सरकार का बयान-‘वार्ता में कुछ आधिकारिक नहीं’

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India Pakistan Track II Meeting
India Pakistan Track II Meeting

India Pakistan Track II Meeting:भारत और पाकिस्तान के बीच श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में हुई कथित ट्रैक-II बैठक को लेकर उठे सवालों पर भारत सरकार ने अपना रुख स्पष्ट किया है. विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम दुनिया भर में समय-समय पर आयोजित होते रहते हैं और भारत सरकार की नजर में इनका कोई आधिकारिक महत्व नहीं है.

पिछले कुछ दिनों से मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा था कि भारत और पाकिस्तान के प्रतिनिधियों के बीच कोलंबो में दो दिनों तक एक अनौपचारिक बैठक हुई. हालांकि, विदेश मंत्रालय ने साफ कर दिया कि यह सरकार की ओर से आयोजित या समर्थित वार्ता नहीं थी.

India Pakistan Track II Meeting:विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने क्या कहा?

कोलंबो में हुई कथित ट्रैक-II बातचीत पर प्रतिक्रिया देते हुए विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा कि उन्होंने इन खबरों को देखा है और उन्हें इनके बारे में जानकारी है.

उन्होंने कहा कि दुनिया भर में विभिन्न विषयों पर ऐसे कई निजी कार्यक्रम आयोजित होते रहते हैं। भारत सरकार की दृष्टि में यह भी ऐसा ही एक निजी कार्यक्रम था, जिसमें कुछ भी नया या आधिकारिक नहीं है.

‘भारत सरकार की कोई आधिकारिक भागीदारी नहीं’

विदेश सचिव ने स्पष्ट किया कि भारत सरकार का इन बैठकों में किसी भी प्रकार का आधिकारिक प्रतिनिधित्व, समर्थन या सहभागिता नहीं होती.

उन्होंने कहा कि यदि भारत से कोई सेवानिवृत्त राजनयिक, पूर्व सैन्य अधिकारी या सिविल सोसाइटी के सदस्य ऐसे कार्यक्रमों में शामिल होते हैं तो वे केवल अपनी व्यक्तिगत राय रखते हैं. उनके विचार किसी भी स्थिति में भारत सरकार के आधिकारिक दृष्टिकोण का प्रतिनिधित्व नहीं करते.

उन्होंने यह भी कहा कि भारत सरकार ऐसे कार्यक्रमों को विशेष महत्व नहीं देती.

क्या होता है ट्रैक-II डायलॉग?

ट्रैक-II डायलॉग दो देशों के बीच होने वाली अनौपचारिक बातचीत का एक माध्यम है. इसमें आमतौर पर सेवानिवृत्त राजनयिक, पूर्व सैन्य अधिकारी, रणनीतिक विशेषज्ञ, शिक्षाविद और सिविल सोसाइटी के प्रतिनिधि शामिल होते हैं.

इसका उद्देश्य बिना राजनीतिक दबाव के ऐसे मुद्दों पर विचार-विमर्श करना होता है, जिनसे दोनों देशों के बीच तनाव कम करने या भविष्य में संवाद की संभावनाएं तलाशने में मदद मिल सके. इन बैठकों में लिए गए विचार या सुझाव संबंधित सरकारों पर बाध्यकारी नहीं होते.

रिपोर्ट में क्या दावा किया गया?

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कोलंबो के एक होटल में करीब दो दिनों तक चली इस बैठक में भारत की ओर से पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे, इंडिया फाउंडेशन के अध्यक्ष राम माधव और पूर्व राजनयिक रुचि घनश्याम शामिल हुए.

वहीं पाकिस्तान की ओर से विदेश मंत्रालय के अधिकारी सज्जाद हैदर खान, पूर्व राजदूत शेरी रहमान और रिटायर्ड मेजर जनरल इसफंदियाम अली खान पटौदी के शामिल होने का दावा किया गया.

रिपोर्ट के मुताबिक बैठक में सीमा पार आतंकवाद, जल बंटवारे और भविष्य में सैन्य टकराव को रोकने जैसे विषयों पर चर्चा हुई. हालांकि, भारत सरकार ने इन चर्चाओं को आधिकारिक वार्ता मानने से इनकार किया है.

भारत सरकार का स्पष्ट संदेश

विदेश मंत्रालय के बयान से यह स्पष्ट हो गया है कि कोलंबो में हुई कथित ट्रैक-II बैठक को भारत सरकार किसी आधिकारिक भारत-पाकिस्तान वार्ता के रूप में नहीं देखती. सरकार का कहना है कि ऐसे निजी कार्यक्रमों में व्यक्त विचार संबंधित प्रतिभागियों के व्यक्तिगत होते हैं और उनका सरकारी नीति से कोई संबंध नहीं माना जा सकता.