Tsunami : रूस के पूर्वी इलाके में बसे प्रायद्वीप कामचटका में बुधवार की सुबह दुनिया का छठा सबसे बड़ा भूकंप आया है.रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 8.8 मापी गई. ये भूकंप भारतीय समय के अनुसार बुधवार तड़के 4:54 बजे आया.
A massive 8.7 magnitude earthquake rocks Russia’s Kamchatka Peninsula triggering 4m high tsunami waves.
Heavy losses in infrastructures.
Evacuations underway across Kamchatka and Japan’s eastern coast.
Worst quake in decades! #Earthquake #Tsunami pic.twitter.com/zaE9bCwe86
— Sunanda Roy 👑 (@SaffronSunanda) July 30, 2025
Tsunami – भूकंप से दहला रुस का पूर्वी प्रायद्वीप
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक भूकंप के बाद कामचटका में सूनामी आ गई और लहरें 4 मीटर से भी उंची उठने लगी. भूकंप और फिर सूनामी के कारण इस इलाके में तबाही आ गई है. कई इमारतें जमीदोज हो गई तो कई को काफी नुकसान पहुंचा है. USGS के मुताबिक भूकंप का केंद्र धऱती से 19.3 किलोमीटर नीचे था.
भूकंप और सूनामी का असर जापान में भी
जापानी टेलीविजन NHK के मुताबिक उनके देश के पूर्वी तट पर एक-एक फुट ऊंची सुनामी लहरें पहुंच गई. सुनामी के विकराल रुप को देखते हुए सरकार ने पूर्वी तट से करीब 20 लाख लोगों को हटाकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया. इसके अलावा जापान ने अपने फुकुशिमा परमाणु रिएक्टर को भी खाली को करा लिया है.
पूरे प्रशांत महासागर क्षेत्र में सूनामी से मच सकती है तबाही
जापान के मौसम विभाग के मुताबिक उनके पूर्वी तट पर 40 सेंटीमीटर ऊंची लहरें आ चुकी हैं, इसलिए इस इलाके से करीब 20 लाख लोगों को घर खाली करने का आदेश दिया गया है. मौसम विभाग के मुताबिक सूनामी एक दिन से ज्यादा समय के लिए रह सकती है. जल्द ही सूनामी का प्रभाव हवाई तक पहुंच गया है. अमेरिकी एडमिनिस्ट्रेशन ने हवाई और कैलिफोर्निया में लोगों को समुद्र से दूर रहने के लिए कहा है. हवाई में सुनामी की लहरें 4 फीट से उंची उठ रही है, अनुमान है कि ये लहरें 10 फीट तक ऊंची हो सकती हैं.लॉस एंजिलिस में पुलिस हेलिकॉप्टर से सायरन बजाकर लोगों को एलर्ट कर रही है और लोगों से उंची जगहो पर जाने की अपील कर रही है.
चीन, इंडोनेशिया, फिलीपींस, पेरू, न्यूज़ीलैंड और मेक्सिको में भी सुनामी अलर्ट जारी किया गया है.
रुस के कामचटका के कुरील आईलैंड पर 4 मीटर से उंची सुनामी की लहरें उठीं. कई बार तो लहरें पांच मीटर से भी ऊंची पहुंच गई. हालात को देखते हुए लगभग 2,700 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है.
दक्षिण अमेरिका, प्रशांत द्वीपों और एशिया के कुछ तटीय इलाकों में भी समुद्र की लहरें सामान्य से ज्यादा ऊंची उठ रही हैं. सुनामी के रुख को देखते हुए अभी ये अनुमान लगाना मुश्किल है कि ये कितना खतरनाक और विनाशक होगा, इससे कितने देश प्रभावित होंगे,लेकिन समुद्री तट के पास बसे देशों ने आशंका को देखते हुए सुरक्षा इंतजाम शुरु कर दिये हैं.





