भोपाल। राजधानी के अरेरा हिल्स थाना इलाके में स्थित मऊगंज से विधायक प्रदीप पटेल के सरकारी निवास पर दिनदहाड़े चोरी होने की एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। शातिर चोर विधायक के पर्सनल असिस्टेंट (पीए) के कमरे का ताला चटकाकर उनका लैपटॉप, नकद रुपये, एटीएम कार्ड, हाथ की घड़ी, पेन ड्राइव समेत विधानसभा से जुड़े कई गोपनीय और जरूरी कागजात समेटकर रफूचक्कर हो गए। यह पूरी घटना बीती 7 जून की है, जिसकी शिकायत मिलने के बाद स्थानीय पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
विधायक विश्राम गृह के कमरे का ताला तोड़कर हुई वारदात
विधायक के पीए डॉ. रामानंद पटेल ने पुलिस में दर्ज कराई अपनी शिकायत में बताया कि वे 7 जून को मऊगंज से भोपाल आए थे और यहां विधायक विश्राम गृह (एमएलए रेस्ट हाउस) के खंड-3 में स्थित कमरा नंबर 74 में रुके हुए थे। घटना वाले दिन सुबह करीब साढ़े दस बजे वे अपने कमरे के दरवाजे पर ताला लगाकर बाहर पानी लेने के लिए निकले थे। इसके बाद वे परिसर में ही मौजूद अपने एक परिचित से मुलाकात करने के लिए कमरा नंबर 39 में चले गए और वहां बातचीत करने लगे। जब वे करीब दो घंटे बाद दोपहर साढ़े बारह बजे वापस लौटे, तो कमरे का नजारा देखकर दंग रह गए। अंदर रखा लैपटॉप गायब था और अलमारी का ताला भी टूटा पड़ा था।
कीमती सामान समेत विधानसभा से जुड़ा अहम डेटा भी गायब
चोरी गए इस लैपटॉप की अनुमानित कीमत करीब 25 हजार रुपये बताई जा रही है। डॉ. पटेल के मुताबिक, चोरों ने अलमारी में रखे उनके बैग को भी खंगाला और उसमें रखे दो एटीएम कार्ड, नकद रकम, टाइटन और टाइमेक्स कंपनी की घड़ियां तथा एक पेन ड्राइव उड़ा ली। सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि चोरी गए लैपटॉप और पेन ड्राइव में विधानसभा सत्र व क्षेत्र के कामकाज से जुड़ा बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील डेटा मौजूद था, जिसके साथ ही कई जरूरी सरकारी दस्तावेज भी चोरी हो गए हैं।
हाई-प्रोफाइल इलाके की सुरक्षा पर सवाल और पुलिस की कार्रवाई
विधायकों और वीआईपी के लिए आरक्षित इस बेहद सुरक्षित माने जाने वाले इलाके में दिनदहाड़े हुई इस चोरी ने वहां की सुरक्षा व्यवस्था और मुस्तैदी पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। इतनी कड़ी निगरानी वाली कॉलोनी में चोरों का इस तरह आसानी से वारदात को अंजाम देकर निकल जाना हर किसी को हैरान कर रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अरेरा हिल्स थाना पुलिस ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। पुलिस की एक विशेष टीम विश्राम गृह और उसके आस-पास के रास्तों पर लगे सभी सीसीटीवी कैमरों के फुटेज को बारीकी से खंगाल रही है, ताकि संदिग्धों की पहचान कर उन्हें जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजा जा सके।

