मई-जून की तपती गर्मियों से राहत पाने और बच्चों की समर वेकेशन को यादगार बनाने के लिए अगर आप किसी खूबसूरत जगह की तलाश में हैं, तो हिमाचल प्रदेश का वशिष्ठ गाँव आपके लिए एक परफेक्ट डेस्टिनेशन हो सकता है। मनाली के मुख्य बाजार से मात्र 3 किलोमीटर दूर, ब्यास नदी के किनारे बसा यह गाँव न सिर्फ अपने प्राकृतिक सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि इसका एक बेहद समृद्ध आध्यात्मिक इतिहास भी है।
आइए जानते हैं हरे-भरे जंगलों और खूबसूरत वादियों के बीच बसे महर्षि वशिष्ठ के इस पवित्र और ऐतिहासिक गाँव की खासियतें।
रोगों को दूर भगाते हैं यहाँ के 'जादुई' गर्म झरने
वशिष्ठ गाँव की सबसे बड़ी खासियत यहाँ मिलने वाले प्राकृतिक और औषधीय गर्म पानी के झरने (Hot Springs) हैं।
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खनिजों से भरपूर पानी: इन झरनों के पानी में भारी मात्रा में सल्फर (गंधक) और अन्य खनिज पाए जाते हैं।
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बीमारियों से निजात: मान्यता और वैज्ञानिक प्रमाणों के अनुसार, इस प्राकृतिक गर्म पानी में स्नान करने से त्वचा से जुड़ी कई बीमारियां और शरीर का दर्द दूर हो जाता है।
4,000 साल पुराना है इस गाँव का आध्यात्मिक इतिहास
यह गाँव सिर्फ एक टूरिस्ट स्पॉट नहीं है, बल्कि सप्तऋषियों में से एक और भगवान श्रीराम के गुरु महर्षि वशिष्ठ की तपोभूमि है। यहाँ की आध्यात्मिक परंपरा लगभग 4 हजार साल पुरानी मानी जाती है।
पौराणिक मान्यता: स्थानीय कथाओं के अनुसार, राजा विश्वामित्र के साथ हुए विवाद और क्रोध के बाद मानसिक शांति की तलाश में महर्षि वशिष्ठ यहीं आए थे। उन्होंने इसी स्थान पर कठिन तपस्या की और उन्हें शांति प्राप्त हुई। उन्हीं के नाम पर इस पूरे गाँव का नाम 'वशिष्ठ' पड़ा। यहाँ महर्षि वशिष्ठ को समर्पित एक प्राचीन मंदिर भी स्थापित है।
एडवेंचर और शांति का अनोखा संगम
वशिष्ठ गाँव प्रकृति प्रेमियों के साथ-साथ एडवेंचर के शौकीनों के लिए भी बेहद खास है। यहाँ पर्यटकों को एक ही जगह पर कई अनुभव मिलते हैं:

