मशहूर अभिनेत्री एशा देओल हाल ही में अपने दिवंगत पिता और सिनेमा जगत के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र को याद कर बेहद भावुक नजर आईं। गौरतलब है कि धर्मेंद्र का नवंबर 2025 में 89 वर्ष की उम्र में निधन हो गया था। हाल ही में उन्हें देश के दूसरे सबसे बड़े नागरिक सम्मान 'पद्य विभूषण' से मरणोपरांत नवाजा गया है। इस सम्मान को ग्रहण करने के लिए उनकी पत्नी और अभिनेत्री हेमा मालिनी पहुंची थीं। पिता को मिले इस बड़े सम्मान और उनकी कमी को लेकर एशा देओल ने अपने दिल की बात साझा की है।
'एक भी दिन ऐसा नहीं जाता जब पापा की याद न आए'
सिनेमा के 'ही-मैन' धर्मेंद्र अब हमारे बीच नहीं हैं, इस कड़वे सच को उनके करोड़ों प्रशंसक आज भी स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में उनके परिवार के लिए यह समय कितना कठिन रहा होगा, इसका अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। मुंबई में मीडिया से बातचीत के दौरान एशा देओल ने भावुक होते हुए कहा कि एक भी दिन ऐसा नहीं गुजरता जब उन्हें अपने पिता की याद न सताती हो। एशा ने बताया कि उनकी जिंदगी के हर अच्छे-बुरे मोड़ पर धर्मेंद्र हमेशा उनके साथ एक ढाल बनकर खड़े रहे। उनके साथ बिताए 44 साल उनकी जिंदगी का सबसे खूबसूरत हिस्सा हैं और वे हमेशा उनके लिए एक प्रेरणा रहेंगे। एशा ने कहा, "उनका हाथ थामना, उनकी गंभीर और प्यारी आवाज सुनना… मैं हर दिन उनकी हर एक बात को याद करती हूं और ताउम्र करती रहूंगी।"
पापा को 'टेडी बियर' बुलाती थीं एशा
एशा देओल ने अपनी पुरानी यादों को ताजा करते हुए एक बेहद निजी बात साझा की। उन्होंने बताया कि वे अपने पिता को लाड़ से 'टेडी बियर' कहकर पुकारती थीं। पिता के जाने के बाद आज भी उनका बिस्तर टेडी बियर्स से भरा रहता है, क्योंकि इन खिलौनों को देखकर उन्हें अपने पापा के पास होने का अहसास होता है। अभिनेत्री ने कहा कि किसी बेहद करीबी को खोने का दर्द कभी कम नहीं होता, बस इंसान उस अधूरेपन के साथ जीना सीख जाता है।
अपनी मां हेमा मालिनी द्वारा पिता का सम्मान हासिल करने के पल पर एशा ने कहा, "मां को पापा की जगह वह प्रतिष्ठित अवॉर्ड लेते देखना मेरे लिए बेहद भावुक कर देने वाला क्षण था। उस वक्त दिल में गर्व और कृतज्ञता की भावना तो थी ही, लेकिन साथ ही आंखें नम थीं और दिल में बस यही कसक थी कि काश इस सम्मान को लेने के लिए वे खुद वहां मौजूद होते।"
माता-पिता से मिले शानदार संस्कार बेटियों को देंगी
एशा ने अपने मन की बात रखते हुए कहा कि उनके पिता को 'पद्म विभूषण' सम्मान बहुत पहले ही मिल जाना चाहिए था। पूरे परिवार को हमेशा से ऐसा लगता था कि जब वे जीवित थे, तब उन्हें और ज्यादा सम्मान दिए जाने चाहिए थे। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि धर्मेंद्र ने कभी भी पुरस्कारों को अपनी कामयाबी का पैमाना नहीं माना, उनके लिए देश की जनता का बेइंतहा प्यार ही सबसे बड़ा पुरस्कार था।
एशा देओल ने गर्व से कहा, "मुझे हेमा मालिनी और धर्मेंद्र की बेटी कहलाने पर बेहद फख्र है। दुनिया में इससे बेहतरीन और खूबसूरत पहचान मेरे लिए कोई दूसरी नहीं हो सकती। मैं ईश्वर की आभारी हूं कि मुझे ऐसे माता-पिता मिले। अब मेरी यही कोशिश है कि जो बेहतरीन संस्कार मुझे अपने माता-पिता से मिले हैं, वही संस्कार मैं अपनी बेटियों को भी दे सकूं।"

