रायपुर। छत्तीसगढ़ समेत 12 राज्यों में चल रही SIR प्रक्रिया छत्तीसगढ़ को लेकर डिप्टी CM विजय शर्मा ने अहम बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा कि 2003 की मतदाता सूची में जिन व्यक्तियों के किसी भी ब्लड रिलेटिव का नाम नहीं होगा, उनके खिलाफ फॉरेनर एक्ट और अन्य कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी और उन्हें जेल भेजा जा सकता है।
पत्रकारों से चर्चा के दौरान डिप्टी CM ने बताया कि SIR के लिए घरों में जो गणना पत्र वितरित किए जा रहे हैं, वे 2025 की मतदाता सूची पर आधारित हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सूची में शामिल किसी मतदाता के ब्लड रिलेटिव का नाम 2003 की मतदाता सूची में होना अनिवार्य है। यदि यह नहीं पाया गया, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ परीक्षण किया जाएगा और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
डिप्टी CM के अनुसार, फॉरेनर एक्ट और अन्य कानूनी प्रावधान ऐसे मामलों में लागू होंगे। हालांकि यह ध्यान रखना जरूरी है कि फॉरेनर एक्ट भारतीय नागरिकों पर लागू नहीं होता, बल्कि यह केवल उन लोगों पर लागू होता है जो किसी अन्य देश से आए हों।
इस बयान के बाद SIR प्रक्रिया को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ाने की दिशा में प्रशासन की कोशिशों को भी बल मिलेगा। SIR प्रक्रिया के तहत सही और पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों ने घर-घर गणना पत्र वितरण और मतदाता सूची के मिलान पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं।

