Thursday, March 12, 2026

तरनजीत सिंह संधू बने दिल्ली के 23वें उपराज्यपाल, जानिये कौन हैं संधु जिन्हें सौंपी गई है दिल्ली की कमान

Taranjit Singh Sandhu : तरनजीत सिंह संधू (Taranjit Singh Sandhu) को दिल्ली का नया उपराज्यपाल (LG) नियुक्त किया गया है, संधु दिल्ली के 23वें उपराज्यपाल बने हैं. इन्होंने पूर्व एलजी विनय सक्सेना की जगह ली है. बुधवार (11 मार्च 2026) को उन्हें लोक निवास (उपराज्यपाल निवास) में दिल्ली हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय ने पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई. समारोह में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (Rekha Gupta) और अन्य गणमान्य लोग मौजूद थे.

Taranjit Singh Sandhu : नये LG के सामने चुनौतियां

दिल्ली में पिछली आम आदमी पार्टी सरकार के समय लगातार ये देखा गया था कि उपराज्यपाल (LG) और मुख्यमंत्री कार्यालय के बीच कई अहम फाइलें भटकती रहती थी. प्रदेश में वैसे तो अब बीजेपी की ही सरकार है और एलजी के साथ किसी तरह के टकराव की संभवाना कम दिखाई देती है लेकिन ऱाजधानी दिल्ली का कार्यभार संभालने के बाद संधु ने कहा कि उनके सामने कई चुनौतियां है जिसका समाधान करना होगा. उन्होने कहा कि “दिल्ली मेरी कर्मभूमि है” और सभी राजनीतिक दलों से मिलकर दिल्ली के विकास और चुनौतियों का समाधान करना है . उन्होंने “समाधान-उन्मुख दृष्टिकोण” पर जोर दिया.

कौन हैं तरणजीत सिंह संधु ?

तरनजीत सिंह संधू एक पूर्व भारतीय राजदूत हैं, जिन्होंने 2020-2024 तक अमेरिका में भारत के राजदूत के रूप में काम किया. वे 1988 बैच के भारतीय विदेश सेवा (IFS) अधिकारी हैं और अमेरिका से जुड़े मामलों के विशेषज्ञ माने जाते हैं. उन्होंने भारत-अमेरिका संबंधों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.

संधू एक सिख परिवार से आते हैं. इनका जन्म 23 जनवरी 1963 को अमृतसर (पंजाब) में हुआ. इनके दादा तेजा सिंह समुंदरी सिख गुरुद्वारा सुधार आंदोलन के प्रमुख नेता थे. इनकी उच्च शिक्षा दिल्ली में ही हुई है. इन्होने दिल्ली के सेंट स्टीफंस कॉलेज से इतिहास विषय में ग्रेजुएशन किया फिर इंटरनेशनल स्टडीज में जेएनयू से एमए किया है.

संधु लगातार विदेश सेवा में रहते हुए अंतराष्ट्रीय प्रशासनिक सेवा से जुड़े रहे हैं.  कैरियक काी शुरुआत  में 1988-1990) के दौरान सोवियत संघ (रूस) में पोस्टिंग हुई, यूक्रेन में  1992-94 में भारतीय दूतावास की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.

1997-2000 तक अमेरिका में कांग्रेस के फर्स्ट सेक्रेटरी (पॉलिटिकल) के  संपर्क मे  रहे.
2005-2009 तक  संयुक्त राष्ट्र (UN) में भारत के स्थायी मिशन में रहे.
013-2017 तक तक अमेरिका के भारतीय दूतावास में डिप्टी चीफ ऑफ मिशन रहे.
2020-2024 तक अमेरिका में  भारत के राजदूत रहे. 
बतौर भारतीय राजनयिक संधु ने  अमेरिका के साथ होने वाले रक्षा सौदे, तकनीकी साझेदारी, QUAD जैसे मुद्दों पर  प्रधानमंत्री मोदी के साथ काम किया.

 रिटायरमेंट के बाद लड़े चुनाव 

2024 में बतौर आइएफएस अधिकारी रिटायर होने के बाद संधु भारत लौट आये सक्रिय राजनीति की शुरुआत की. 2024 में ही भाजपा में शामिल हुए और 2024 के लोकसभा चुनाव में अमृतसर से बतौर  BJP उम्मीदवार चुनाव भी लड़ा.लेकिन हार गए.

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