पटना। नीतीश कुमार के दूरदर्शी नेतृत्व और ‘सुशासन के सात निश्चय’ के प्रभावी क्रियान्वयन के परिणामस्वरूप बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था में अभूतपूर्व परिवर्तन देखने को मिला है। राज्य सरकार की जन-केंद्रित एवं संवेदनशील स्वास्थ्य नीतियों ने स्वास्थ्य सेवाओं को गांव-गांव तक पहुंचाकर आम नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव सुनिश्चित किया है। जद (यू0) की प्रदेश प्रवक्ता अंजुम आरा ने जारी बयान में आगे कहा कि बिहार में शिशु मृत्यु दर में लगभग 40 प्रतिशत तथा मातृ मृत्यु दर में लगभग 50 प्रतिशत तक की ऐतिहासिक कमी दर्ज होना इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि सरकार की योजनाएं धरातल पर प्रभावी ढंग से काम कर रही हैं। आज बिहार स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में देश के सामने एक सशक्त उदाहरण बनकर उभरा है। सरकारी अस्पतालों में बेहतर चिकित्सा सुविधाएं, मुफ्त दवा एवं जांच व्यवस्था, संस्थागत प्रसव को बढ़ावा, टीकाकरण अभियानों की मजबूती तथा स्वास्थ्य अवसंरचना के निरंतर विस्तार ने बिहार के स्वास्थ्य तंत्र को नई पहचान प्रदान की है। इन प्रयासों के कारण आज लाखों गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो रही है। उन्होंने आगे कहा कि माताओं एवं नवजात शिशुओं की सुरक्षा को लेकर राज्य सरकार की प्रतिबद्धता के कारण स्वास्थ्य संकेतकों में लगातार सकारात्मक सुधार दर्ज किया जा रहा है। यह उपलब्धि नीतीश कुमार जी की दूरदर्शी सोच, सुशासन और जनकल्याणकारी नीतियों का प्रत्यक्ष परिणाम है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि वर्तमान एनडीए सरकार के मुख्यमंत्री श्री सम्राट चैधरी स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक आधुनिक, सुलभ एवं मजबूत बनाने की दिशा में सक्रिय और प्रभावी भूमिका निभा रहे हैं। उनके सहयोग एवं प्रयासों से राज्य की स्वास्थ्य अवसंरचना को और सशक्त बनाने तथा जनसुविधाओं के विस्तार का कार्य और तेज गति से आगे बढ़ेगा।

